रायपुर: निवेश का नया भरोसा बना छत्तीसगढ़, नियमों में आसानी और संस्थागत माहौल में देश में नंबर-1

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निवेशक-हितैषी नीतियों, सुशासन और प्रशासनिक सुधारों का असर राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है। क्रिसिल-नीति आयोग इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI)-2026 में छत्तीसगढ़ ने नियमों में आसानी (Regulatory Ease) और संस्थागत माहौल (Institutional Environment) के मानकों पर देश के 17 बड़े राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं पर्यावरणीय लचीलेपन (Environment Resilience) में राज्य दूसरे स्थान पर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के कारण पिछले करीब 18 महीनों में राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे भविष्य के उद्योग शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, नियमों में आसानी के मानक पर छत्तीसगढ़ को 12 में से 8.4 अंक मिले हैं, जो राजस्थान, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु जैसे राज्यों से बेहतर हैं। वहीं संस्थागत माहौल में 6 में से 4.5 अंक प्राप्त कर राज्य ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। पर्यावरणीय लचीलेपन के मानक में भी छत्तीसगढ़ 5 में से 4 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30, जन विश्वास अधिनियम और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 जैसे सुधारों ने उद्योगों के लिए मंजूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। नवा रायपुर में देश के पहले एआई डेटा सेंटर पार्क और समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर की स्थापना से छत्तीसगढ़ डिजिटल अर्थव्यवस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में भी उभर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की सुशासन आधारित नीतियों, पारदर्शी प्रशासन और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर देश की मुहर है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि रोजगार, औद्योगिक विकास और समावेशी आर्थिक प्रगति को नई गति देना है।