जशपुर: छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचीं जिला पंचायत सदस्य आशिका कुजूर, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर दिया जोर
जशपुर/नई दिल्ली: जशपुर की जिला पंचायत सदस्य आशिका कुजूर ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे केवल किसी एक राज्य या क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देशभर के विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े हैं।
आशिका कुजूर ने कहा कि जशपुर जैसे दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र के अनेक छात्र-छात्राएं अपनी बात राष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंचा पाते। ऐसे में जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को संबंधित मंच तक पहुंचाना अपनी जिम्मेदारी मानती हैं।
उन्होंने कहा कि उनका दिल्ली पहुंचना किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा जवाबदेही जैसे विषयों के समर्थन में है। उनके अनुसार जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं होती, बल्कि युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े राष्ट्रीय विषयों पर भी अपनी बात रखना आवश्यक है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर दी प्रतिक्रिया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए आशिका कुजूर ने इसे छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर हुई राष्ट्रीय चर्चा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की अपेक्षा है कि शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और निष्पक्ष बने तथा मेहनत करने वाले छात्रों के हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा हो।
उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में सुधार, परीक्षाओं की पारदर्शिता और विद्यार्थियों का विश्वास बनाए रखने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
शिक्षा सुधार पर दिया जोर
आशिका कुजूर ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था हर छात्र का अधिकार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर सभी संबंधित पक्ष सकारात्मक संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत, पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाने की आवश्यकता है। सरकार और सभी संबंधित संस्थाओं को छात्रों की बात सुनते हुए उनके हित में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
अंत में आशिका कुजूर ने कहा कि उनका उद्देश्य विद्यार्थियों की आवाज़ को उचित मंच तक पहुंचाना और शिक्षा से जुड़े सकारात्मक सुधारों के पक्ष में अपनी बात रखना है।